‘सपा को सपने में दिख रही 2027 की हार’, दयाशंकर सिंह का अखिलेश पर तीखा हमला
मंत्री बोले- लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाले अखिलेश उसी कांग्रेस की गोद में खेल रहे, जिसने सपा नेताओं पर डंडे बरसाए, वोट चोरी के आरोपों पर भी साधा निशाना

लखनऊ, 20 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 की आहट के साथ ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस के साथ सपा के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव आज उसी कांग्रेस की गोद में अखिलेश यादव खेल रहे है जिसने लोकतंत्र और संविधान की हत्या की, सपा नेताओं को जेल भेजा और उन पर डंडे बरसाए। इससे बड़ा संविधान और लोकतंत्र का मजाक क्या हो सकता है?
‘सपा को अभी से दिख रही 2027 की शिकस्त’
समाजवादी पार्टी की ओर से वोट चोरी और चुनाव में धांधली के आरोप लगाए जाने पर दयाशंकर सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार अभी से स्वीकार कर चुकी है। पार्टी को सपनों में भी शिकस्त नजर आ रही है। मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों से विपक्ष घबराया हुआ है।
दयाशंकर सिंह ने सपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यकर्ता सत्ता में रहते हुए लोगों को परेशान करते थे। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले सपा के लोग कथित तौर पर जमीनों पर कब्जा करने और लोगों को निलंबित कराने जैसी योजनाएं बना रहे हैं।
योगी के AI वीडियो पर राम-रावण का उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर सपा की ओर से जारी AI वीडियो पर भी मंत्री ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता जानती है कि कौन राम के पक्ष में है और कौन रावण के। दयाशंकर सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए योगी सरकार की भूमिका का बचाव किया। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव और सपा पर राम विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।
‘कांग्रेस को सपा का पिछलग्गू बनना पड़ा’
कांग्रेस पर तंज कसते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि गांधी परिवार को देश की जनता पहले ही खारिज कर चुकी है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि लंबे समय तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी जैसी क्षेत्रीय पार्टी के पीछे चलना पड़ रहा है।






