68500 Shikshak Bharti Protest : अब डिप्टी सीएम केशव मौर्य का आवास घेरा, अभ्यर्थियों ने लगाई ये गुहार
पुलिस ने बसों में भरकर भेजा ईको गार्डन, मैनपुरी के अभ्यर्थी की बिगड़ी तबीयत, नियुक्ति की मांग को लेकर 49 दिन से लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थी

लखनऊ, 19 अक्टूबर 2026:
यूपी में 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण प्रकरण को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को आंदोलन के 49वें दिन पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव कर अपनी मांगें उठाईं। अभ्यर्थियों के मुताबिक पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर बसों में भरकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान मैनपुरी निवासी अभ्यर्थी मनोज कुमार की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह की अगुवाई में पहुंचे अभ्यर्थियों ने घेराव के दौरान नारेबाजी की। उन्होंने ‘चाचा जी बाहर आओ, पिछड़ों के साथ इंसाफ करो’ और ‘जो पिछड़ों की बात करेगा, वही यूपी पर राज करेगा’ जैसे नारे लगाए। अभ्यर्थी आरक्षण संबंधी विवाद का समाधान कर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

कल हो जाएंगे आंदोलन के 50 दिन पूरे
इको गार्डन में धरने की अगुवाई कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 49 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने बताया कि अभ्यर्थी ‘दस्तक दो अभियान’ और पोस्टकार्ड अभियान के जरिए मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को आंदोलन के 50 दिन पूरे हो जाएंगे।
अभ्यर्थियों के मुताबिक वे राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गत 7 जुलाई के आदेश और 10 सितंबर की बैठक में हुए निर्णय के आधार पर कार्रवाई चाहते हैं। उनकी मांग है कि संबंधित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कर नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जल्द जारी किया जाए और बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से नियुक्ति दी जाए।
‘अंधकार में न बीते हमारी दिवाली’
लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच अभ्यर्थियों ने सरकार से भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व धरने पर बीत गया और अब दशहरा व दिवाली आने वाली है। ऐसे में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार उनकी समस्या का जल्द समाधान करें जिससे वे भी अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनके आठ वर्षों के ‘बनवास’ को खत्म कर नियुक्ति दी जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि उन्हें आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर न किया जाए और भर्ती का कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाए।

जबरन हटाने का लगाया आरोप
आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर अपनी पीड़ा बताना चाहते थे लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उनके अनुसार पुलिस प्रशासन ने 400 से अधिक अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों को घसीटकर हटाया गया जिसके बीच मनोज कुमार की तबीयत बिगड़ गई।
प्रदर्शन में रंजना जायसवाल, आरती सिंह, सुभाषिनी, रचना, अलका, अरविंद कुमार, सच्चिदानंद, हरजीत सिंह, रत्नेश, रण बहादुर सिंह, चंद्रप्रकाश पटेल, भूपेंद्र बालियान, रामप्रवेश, पंकज, प्रयेस कुमार, योगेश, नसीम सिद्दीकी, शिव शंकर, अनस, केसरी, इकबाल धर्मेंद्र समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए।






