देहरादून, 8 जून 2026:
उत्तराखंड में लंबित विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए सरकार ने निगरानी और जवाबदेही का दायरा और सख्त कर दिया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में प्रगति पोर्टल के जरिए राज्य की 6940 करोड़ रुपये लागत वाली 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन समेत विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की भूमिका अहम है, इसलिए विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर हर महीने और मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में की जाए। जिन योजनाओं में 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई परियोजनाएं भूमि हस्तांतरण, वन एवं पर्यावरणीय मंजूरी, भूमि अधिग्रहण या मुआवजा वितरण जैसे कारणों से अटकी हुई हैं। संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर इन बाधाओं को जल्द दूर करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी जनपद स्तर पर लंबित मामलों की व्यक्तिगत निगरानी कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो और कार्यशाला, बनबसा तथा रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाएं, चारधाम सड़क परियोजनाएं, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना के साथ हरिद्वार और काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कें, बिजली ढांचा और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के विकास के लिए बेहद अहम हैं। इनके समय पर पूरा होने से पर्यटन, कारोबार, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।





