लखनऊ, 9 जून 2026:
यूपी को वस्त्र एवं परिधान उद्योग का राष्ट्रीय हब बनाने की दिशा में सीएम योगी ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने वस्त्र क्षेत्र की वर्तमान जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक कौशल विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षित करने के साथ ही उन्हें रोजगार और स्थायी आजीविका से जोड़ना होना चाहिए।
समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि यूपी निवेश, उत्पादन और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी वस्त्र राज्यों में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ऐसे में उद्योगों को समय पर प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार की समर्थ योजना के तहत अब तक 2.28 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 1.60 लाख से अधिक प्रशिक्षार्थियों को रोजगार से जोड़ा गया है। खास बात यह है कि कुल प्रशिक्षार्थियों में महिलाओं की भागीदारी 87 प्रतिशत से अधिक रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटोमेशन, आधुनिक मशीनरी और टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को भी समयानुकूल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुरूप रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में माटीकला क्षेत्र की भी गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि माटीकला केवल एक पारंपरिक उद्योग नहीं अपितु प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कारीगरों को आधुनिक डिजाइन, नई तकनीक, सोलर चाक, बेहतर उपकरण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 1,331 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। इन इकाइयों में 33.02 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश हुआ है। 5.57 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई है। साथ ही माटीकला महोत्सवों, प्रदर्शनियों और मेलों के माध्यम से कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक उद्योगों को संरक्षण के साथ-साथ नवाचार, ब्रांडिंग, डिजिटलीकरण और आधुनिक बाजारों से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने माटीकला उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़कर नई पहचान दिलाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित ऋण मामलों के शीघ्र निस्तारण और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर भी जोर दिया।






