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राष्ट्रपति भवन में गूंजी वीरता की गाथा… शौर्य, कीर्ति व वीर चक्र से जांबाजों का सम्मान

रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वीरता पुरस्कार दिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहे मौजूद, सम्मान समारोह अयोध्या के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र, माता-पिता ने ग्रहण किया सम्मान

नई दिल्ली, 9 जून 2026:

राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-प्रथम में देश के बहादुर सैनिकों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस कर्मियों को उनकी असाधारण वीरता के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समारोह में 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। इनमें कई सम्मान मरणोपरांत भी दिए गए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद उन जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने कर्तव्य निभाते समय अदम्य साहस, असाधारण वीरता और देश के प्रति सर्वोच्च समर्पण का परिचय दिया। सम्मान पाने वालों में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा भी रहे, जिन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर्शवीर सिंह ठाकुर को ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान दिखाए गए साहस और विशिष्ट सेवा के लिए वीर चक्र प्रदान किया गया। लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और रूपा ए को सागर परिक्रमा-द्वितीय अभियान के दौरान असाधारण समुद्री कौशल, साहस और धैर्य के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

भारतीय सेना के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में सैन्य अभियान के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए शौर्य चक्र मिला। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान साहसिक कार्रवाई करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

Presidential Gallantry Awards Honoring Brave Soldiers (1)

एलओसी पर आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में असाधारण वीरता दिखाने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को शौर्य चक्र प्रदान किया गया। नायब सूबेदार सतीश कुमार को उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीर चक्र से नवाजा गया। लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट, विंग कमांडर जॉय चंद्रा, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वहीं राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता, नायक राहुल सिंह, मेजर शिवंत यादव और लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को शौर्य चक्र प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़कर शहीद की मां को गले लगाया

भारतीय सेना के सिपाही जंजल प्रवीण प्रभाकर को दो आतंकवादियों को मार गिराने के लिए कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा रहा था, तब गर्व और गम का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने वहां मौजूद सभी की आंखें नम कर दी। बेटे की वीरता पर गर्व से भरी मां जैसे ही सम्मान ग्रहण करने पहुंचीं, तो अपने कलेजे के टुकड़े को याद कर उनके आंसू दर्द बनकर छलक पड़े। इस भावुक पल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे बढ़कर प्रोटोकॉल की सीमाएं तोड़ते हुए शहीद की मां को गले लगा लिया।

अयोध्या के वीर सपूत को मिला मरणोपरांत कीर्ति चक्र

रक्षा अलंकरण समारोह में लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को उनके अद्वितीय साहस, कर्तव्यपरायणता और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उनके माता-पिता नीता तिवारी और जंग बहादुर तिवारी ने यह सम्मान ग्रहण किया।

22 मई 2025 को उत्तर सिक्किम में ऑपरेशनल गश्त के दौरान एक अग्निवीर जवान तेज बहाव वाली नदी में गिर गया था। अपने साथी को बचाने के लिए लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी बिना देर किए नदी में कूद पड़े। गंभीर चोटों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जवान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद शहीद हो गए। उनके इसी असाधारण साहस और बलिदान को देखते हुए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से अलंकृत किया गया। उनके माता-पिता नीता तिवारी व जंग बहादुर तिवारी ने ये सम्मान बेहद भावुक पलों में ग्रहण किया।

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