न्यूज डेस्क, 12 जून 2026:
थाईलैंड के शाही परिवार की वरिष्ठ सदस्य और सिंहासन की संभावित दावेदार मानी जाने वाली 47 वर्षीय राजकुमारी बज्रकीतियाभा का निधन हो गया। वह दिसंबर 2022 से कोमा में थीं। थाई शाही महल ने शुक्रवार को उनके निधन की आधिकारिक घोषणा की।
राजमहल के मुताबिक, राजकुमारी ने बैंकॉक के चुलालोंगकोर्न अस्पताल में अंतिम सांस ली। मेडिकल टीम ने उन्हें लगातार गहन इलाज दिया, लेकिन उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका और हालत धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। दिसंबर 2022 में कुत्तों को टहलाते समय वह अचानक बेहोश होकर गिर गई थीं। जांच में पता चला था कि मायकोप्लाज्मा संक्रमण की वजह से उनके दिल की धड़कनें गंभीर रूप से प्रभावित हुईं, जिसके बाद वह कोमा में चली गई थीं।
राजकुमारी बज्रकीतियाभा, थाईलैंड के राजा वाचिरालोंगकोर्न की सात संतानों में सबसे बड़ी थीं। उनका जन्म 7 दिसंबर 1978 को राजा की पहली पत्नी राजकुमारी सोअमसावली के घर हुआ था। उन्होंने अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से दो स्नातकोत्तर डिग्रियां हासिल की थीं और कुछ समय तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में थाई मिशन के साथ भी काम किया था।
थाईलैंड लौटने के बाद उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। खास तौर पर जेल सुधार और महिला कैदियों के अधिकारों को लेकर उनकी सक्रिय भूमिका चर्चा में रही। उन्होंने जेलों में बंद पीड़ित और असहाय महिलाओं की स्थिति सुधारने की जरूरत पर लगातार आवाज उठाई थी।
साल 2021 में राजा वाचिरालोंगकोर्न ने उन्हें अपने निजी अंगरक्षक दल का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया था और जनरल की रैंक भी दी थी। उनकी प्रशासनिक क्षमता और शाही परिवार में मजबूत स्थिति के चलते उन्हें लंबे समय तक सिंहासन के संभावित उत्तराधिकारियों में सबसे आगे माना जाता रहा।
राजा वाचिरालोंगकोर्न ने अब तक किसी आधिकारिक उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है। ऐसे में राजकुमारी बज्रकीतियाभा के निधन के बाद थाई शाही उत्तराधिकार को लेकर सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं। हालांकि थाईलैंड के कड़े राजशाही कानूनों के कारण इस विषय पर सार्वजनिक बहस बेहद सीमित रहती है।






