InternationalPolitics

Middle East: युद्धविराम से शांति की राह! नेतन्याहू का बड़ा ऐलान- न ट्रंप मुझे चलाते हैं, न मैं उन्हें

अमेरिका-ईरान वार्ता तेज, स्विट्जरलैंड में दूसरे दिन भी जारी बातचीत, ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देने की दोहराई चेतावनी, ट्रंप ने हिजबुल्लाह पर कड़ा संदेश दिया

न्यूज डेस्क, 22 जून 2026:

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश में जुटे हैं। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच दूसरे दिन भी वार्ता जारी रही। पहले दिन करीब 80 मिनट चली बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों के कारण तनावपूर्ण रही लेकिन दोनों पक्ष बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमत दिखे।

इधर, यरुशलम में आयोजित एक समिट में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका-इजराइल संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों पर काम करते हैं या ट्रंप उनके कहने पर फैसले लेते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देश करीबी सहयोगी जरूर हैं लेकिन उनके राष्ट्रीय हित अलग-अलग हैं। हर मुद्दे पर दोनों की राय एक जैसी नहीं होती।

नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजराइल किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने तक इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी।

ये भी पढ़ें:

उधर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके अनुसार दोनों देश मिलकर क्षेत्र में शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं तथा राष्ट्रपति ट्रंप अगले दस वर्षों में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं।

Advertisement

इस बीच ट्रंप ने ईरान से लेबनान में अपने समर्थक संगठन हिजबुल्लाह को तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले सप्ताह से भी अधिक सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,153 लोग घायल हुए हैं। इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने भी हिजबुल्लाह के साथ दोबारा संघर्ष शुरू होने की आशंका जताई।
middle-east-peace-talks-netanyahu-trump-statement-usa-iran-ceasefire

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने दावा किया कि शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे और समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होगा, जबकि 8 जुलाई को इराक के नजफ और करबला में भी श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जाएंगे। युद्ध के कारण यह कार्यक्रम कई बार टल चुका था।

READ MORE

ये भी पढ़ें  अपमानजनक टिप्पणी पर भाजपा नेता ने मांगी माफी, पूर्वांचली सरनेम पर किया था कटाक्ष

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link