Uttarakhand

ऐपन कला से आत्मनिर्भरता की उड़ान… पिथौरागढ़ की मानसी ने शौक को बनाया सफल स्टार्टअप

देवभूमि उद्यमिता योजना से मिली नई दिशा, Homies Vibes के जरिए पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार से जोड़ रही हैं युवा उद्यमी

न्यूज डेस्क, 17 जून 2026:

जुनून, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाएं तो साधारण शौक भी सफलता की नई कहानी लिख सकता है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित लक्ष्मण सिंह महार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की बीबीए छात्रा मानसी कापड़ी ने अपनी पारंपरिक ऐपन कला को एक सफल उद्यम में बदलकर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है।

मानसी की उद्यमिता यात्रा वर्ष 2024 में शुरू हुई जब उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड सरकार और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के द्विदिवसीय बूटकैंप में भाग लिया। इस कार्यक्रम ने उनके सोचने का नजरिया बदल दिया। उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि कला, हुनर और व्यक्तिगत रुचि को भी व्यवसाय का रूप देकर रोजगार का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है।

बचपन से ही ऐपन कला में रुचि रखने वाली मानसी सुंदर और आकर्षक डिजाइन तैयार करती थीं लेकिन उस समय यह केवल उनका शौक था। बूटकैंप के दौरान उन्होंने अपने ऐपन कार्य को एक व्यवसायिक विचार के रूप में प्रस्तुत किया। बिजनेस मॉडल कैनवास की मदद से तैयार की गई उनकी उद्यम योजना ने निर्णायकों को प्रभावित किया और इसी के आधार पर उनका चयन 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए किया गया।

इस प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन बिक्री, उद्यम पंजीकरण और विपणन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अपनी मेंटर डॉ. रुचिता पंघुरिया के मार्गदर्शन में मानसी ने ‘Homies Vibes’ नाम से अपना उद्यम शुरू किया और पारंपरिक ऐपन कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया।

मानसी की मेहनत को बड़ी पहचान फरवरी 2025 में आयोजित देवभूमि उद्यमिता स्टार्टअप मेगा इवेंट में मिली जहां उनके उद्यम को 75 हजार रुपये का सीड फंड प्रदान किया गया। इस राशि का उपयोग उन्होंने उत्पाद विकास, व्यवसाय विस्तार और विपणन गतिविधियों को मजबूत करने में किया।
आज ‘Homies Vibes’ पारंपरिक लोक कला और आधुनिक उद्यमिता का सफल संगम बन चुका है। मानसी प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार रुपये मूल्य के उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना चाहती है। सितंबर 2023 में शुरू हुई देवभूमि उद्यमिता योजना राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों को नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करते हुए हजारों युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही है।

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