
हमीरपुर, 21 जून 2026:
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बुंदेलखंड को विकास की सौगातों से नवाजते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हमीरपुर में 636 करोड़ रुपये की 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। महोबा के बाद राठ स्थित बीएनवी डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश नहीं अपितु वे लोग पहचान के लिए मोहताज हैं जिन्होंने प्रदेश को कभी बीमारू राज्य बनाया था। जनता अब उन्हें दुत्कार रही है और विकास की राजनीति को स्वीकार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को मिले जनसमर्थन का परिणाम है कि बुंदेलखंड में सुरक्षा, हर घर जल, एक्सप्रेसवे, सिंचाई, सड़क और रोजगार जैसी योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने लोगों से माफिया के संरक्षकों को दोबारा सत्ता में न आने देने और जाति, क्षेत्र व भाषा की राजनीति से ऊपर उठकर विकास, विरासत और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।

योगी ने कहा कि नौ वर्ष पहले बुंदेलखंड की तस्वीर अलग थी। सड़कें जर्जर थीं, पेयजल का संकट था, महिलाएं सिर पर घड़े रखकर पानी ढोने को मजबूर थीं। माफिया व अवैध खनन का बोलबाला था। आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, हर घर जल योजना, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश ने क्षेत्र की पहचान बदल दी है। उन्होंने कहा कि अब गोला-बारूद, तोप मिसाइल यूपी में बन रही है। लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में हुआ। ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई तो पाकिस्तान जान की भीख मांगने लगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ‘बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर’, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। पुलिस भर्ती में भी अब बुंदेलखंड के युवाओं को पर्याप्त अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने चित्रकूट से प्रस्तावित हवाई सेवा, नई रेल सुविधाओं और राठ बस स्टैंड परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है।
उच्च शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय प्रबंध समिति से विश्वविद्यालय स्थापना का प्रस्ताव शीघ्र भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीकी शिक्षा और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की जरूरतों के अनुरूप विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए तैयार है। साथ ही हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता पर भी बल दिया।
जल संरक्षण को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अल नीनो के कारण अगले कुछ वर्षों तक कम और असमय वर्षा की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में हर बूंद पानी बचाने, आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने और पौधरोपण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि कबरई, रतौली, बावनी, कचनौदा बांध, चिल्ली-मजगांव स्प्रिंकलर परियोजना तथा केन-बेतवा लिंक जैसी योजनाएं जल संकट दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने माफिया और परिवारवाद को बढ़ावा दिया। डबल इंजन सरकार ने कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने दावा किया कि अब माफिया या तो जेल में हैं या मिट्टी में मिल चुके हैं। साथ ही कहा कि झांसी के पास देश की सबसे बड़ी औद्योगिक सिटी विकसित की जा रही है और हिंदुस्तान यूनिलीवर, जेके सीमेंट, रिमझिम इस्पात, एनटीपीसी सोलर प्लांट तथा गेल इंडिया जैसी परियोजनाओं से बुंदेलखंड के युवाओं का पलायन रुकेगा और क्षेत्र विकास का नया केंद्र बनेगा।
इस दौरान जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद, विधायक मनीषा अनुरागी, डॉ. मनोज प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद समेत कई लोग मौजूद थे।






