
नई दिल्ली, 21 जून 2026:
नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी बीच पेपर लीक की शिकायतों के बाद रविवार को नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा भी आयोजित की गई। सीजेपी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गंभीर चूक की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा- मैं पुलिस से आग्रह करता हूं कि लोगों को जंतर-मंतर आने से न रोका जाए। हम कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं। हम उन बच्चों के लिए इंसाफ मांग रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या कर ली। दीपके ने दावा किया कि 20 जून से धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी जाने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

हालांकि रविवार सुबह प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी, लेकिन सीजेपी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जल्द से जल्द जंतर-मंतर खाली करने की अपील की है।
अभिजीत दीपके ने प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों को परेशान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर मौजूद टॉयलेट की पानी की सप्लाई शनिवार रात से बंद कर दी गई है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान अपने आलीशान सरकारी आवास में सो रहे हैं। 12 बच्चों ने आत्महत्या कर ली और उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन उनके खिलाफ आंदोलन कर रहे युवाओं के लिए बाथरूम में पानी तक नहीं है।

सीजेपी ने खास तौर पर जेन-जी से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर थोड़ा क्रिकेट होगा, थोड़ा आंदोलन होगा। शनिवार दोपहर से शुरू हुए इस प्रदर्शन में कई लोग कॉकरोच के मास्क पहनकर पहुंचे जबकि कुछ प्रदर्शनकारी थाली और चम्मच बजाकर अपना विरोध दर्ज कराते नजर आए। इस अनोखे प्रदर्शन ने राजधानी के राजनीतिक माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है।






