
लखनऊ, 24 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद प्रदेश की सियासत भी तेज हो गई है। विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने के बीच प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए इस हादसे को उनकी सरकार के भ्रष्टाचार और कुकृत्यों का परिणाम बताया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि 15 परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है लेकिन अखिलेश यादव एसी कमरे में बैठकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस अवैध इमारत में यह हादसा हुआ उसके निर्माण से लेकर कार्रवाई रोकने तक की पूरी प्रक्रिया अखिलेश सरकार के कार्यकाल में हुई थी।
ब्रजेश पाठक के मुताबिक यह प्लॉट वर्ष 1980 में लॉटरी के जरिए आवंटित हुआ था लेकिन 20 अगस्त 2014 को अखिलेश सरकार के दौरान 1992 वर्गफुट के आवासीय भवन का नक्शा स्वीकृत किया गया। वर्ष 2016 में अवैध निर्माण का मामला दर्ज होने के बाद 10 मई 2016 को भवन को ध्वस्त करने का आदेश जारी हुआ लेकिन महज दो महीने बाद 5 जुलाई 2016 को वही आदेश रद्द कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में यह फैसला लिया गया और उस समय किसी अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

डिप्टी सीएम ने सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि दिसंबर 2015 तक प्लॉट खाली था, फरवरी 2016 में निर्माण शुरू हुआ और जून 2016 तक पूरी इमारत खड़ी हो गई। उनके अनुसार यह सब नियम-कानूनों को ताक पर रखकर अखिलेश सरकार की नाक के नीचे होता रहा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि सीएम योगी ने हादसे की सूचना मिलते ही अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया। पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उसी रात कार्रवाई शुरू करा दी। चार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया गया है तथा पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जो भी व्यक्ति या अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्हें हरसंभव सहायता तथा न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।






