
लखनऊ, 25 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर में मानकों के विपरीत संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 71 कोचिंग, लाइब्रेरी और होटलों को सील कर दिया। 83 भवन मालिकों एवं प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर अग्निशमन विभाग और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीमों ने सभी सात प्रवर्तन जोन में एक साथ कार्रवाई की। अभियान के दौरान कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, डांस स्टूडियो, प्ले ग्रुप स्कूल, ब्लड बैंक, कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, नर्सिंग होम, होटल और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक यह विशेष अभियान लगातार तीन सप्ताह तक जारी रहेगा।

मालूम हो कि दो दिन पूर्व उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर शहरभर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हुई। प्रवर्तन जोन-1 में जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के नेतृत्व में गोमतीनगर के विराज खंड, विनीत खंड और विवेक खंड क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। यहां एलन, आकाश इंस्टीट्यूट, अनएकेडमी एंड कैरियर प्वाइंट, विद्यापीठ, अग्रवाल क्लासेस, नारायण कोचिंग और आईक्यू हब सहित नौ कोचिंग सेंटर सील किए गए।

जोन-2 में रवि नंदन सिंह के नेतृत्व में कानपुर रोड योजना और कृष्णानगर क्षेत्र में फिजिक्स वाला, महिंद्रा कोचिंग, एलन, आकाश इंस्टीट्यूट और सेन्च्यूरियन समेत 16 कोचिंग सेंटरों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई, जबकि 16 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए।

हजरतगंज क्षेत्र में जोन-6 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने एलन, आकाश इंस्टीट्यूट, मोशन और ग्रैविटी समेत 14 प्रतिष्ठानों को सील किया तथा 20 भवन मालिकों को नोटिस दिए। वहीं जोन-7 में संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह के नेतृत्व में 14 प्रतिष्ठान सील किए गए और 20 लोगों को नोटिस जारी हुए।

जोन-3 में कृष्णानगर, विजयनगर और मानकनगर क्षेत्रों में ब्राइट फ्यूचर लाइब्रेरी, डिफेंस कैरियर एकेडमी और होटल गुरवीर सहित सात प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा जोन-4 में छह तथा जोन-5 में पांच भवन सील किए गए। एलडीए का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।






