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पासपोर्ट सिर्फ ट्रेवल डॉक्यूमेंट… MEA के बयान से छिड़ी बहस, आखिर क्या है नागरिकता का प्रमाण

भारतीय नागरिकता के कानूनी प्रमाण पर उठे सवाल, पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी के बीच अब नागरिकता के असली प्रमाण को लेकर चर्चा तेज, विदेशों में नागरिकता प्रमाण के लिए है अलग-अलग व्यवस्थाएं

न्यूज डेस्क, 25 जून 2026:

आपके पास पासपोर्ट है लेकिन क्या आप भारतीय हैं? सुनने में ये सवाल अजीब लग सकता है लेकिन अब यही सवाल देश के करोड़ों लोगों के सामने खड़ा हो गया है। जिस पासपोर्ट को आम भारतीय अपनी पहचान, अपनी राष्ट्रीयता और अपने नागरिक होने का सबसे मजबूत दस्तावेज समझता था आज उसी पासपोर्ट पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने ऐसा बयान दे दिया है जिसने लोगों में बहस छेड़ दी है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ कहा है पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। वो दस्तावेज जिसे पाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन होता है, सरकारी जांच होती है और रिकॉर्ड खंगाले जाते हैं जिसे देखकर दुनिया के एयरपोर्ट मान लेते हैं कि आप भारत से हैं। उसी दस्तावेज पर अब कहा जा रहा है ये भारतीय नागरिकता का अंतिम कानूनी सबूत नहीं है।
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सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर पासपोर्ट नहीं तो फिर कौन सा दस्तावेज जरूरी है। अगर आधार कार्ड की बात करें तो वो आपकी पहचान है, नागरिकता नहीं। वोटर आईडी अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं है और अब पैन कार्ड और पासपोर्ट भी नहीं। तो क्या इस देश का आम नागरिक अपने ही देश में ये साबित करने के लिए फाइलों, कागजों और कानूनी दफ्तरों के चक्कर लगाएगा।

सरकार का तर्क है कि पासपोर्ट सिर्फ ट्रेवल डॉक्युमेंट है। इसका काम है विदेश यात्रा आसान करना न कि नागरिकता पर अंतिम फैसला देना। कानूनी तौर पर किसी व्यक्ति की नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 एवं उससे संबंधित रिकॉर्ड और कानूनी प्रावधानों के आधार पर होता है। यानी सरकार कह रही है कि पासपोर्ट आपकी यात्रा का टिकट है आपकी नागरिकता का फैसला नहीं। निर्वाचन आयोग के अनुसार किसी व्यक्ति की नागरिकता साबित करने के लिए उसका जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) होना जरूरी है।

कपिल सिब्बल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जताई चिंता

इसी मुद्दे को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है कि अगर पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है न कि नागरिकता का दस्तावेज तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है? बीएलओ मेरी नागरिकता पर शक कर सकता है, मुझे वोट देने के अधिकार से वंचित कर सकता है। जिसका नतीजा ये होता है कि बीजेपी चुनाव जीत जाती है और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है।
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अमेरिका में नागरिकता के लिए जरूरी दस्तावेज

विदेशों में इस मामले पर गौर करें तो अमेरिका में नागरिकता साबित करने के लिए सबसे मजबूत दस्तावेज अमेरिकी जन्म प्रमाणपत्र, नागरिकता ग्रहण प्रमाणपत्र (नेचुरलाइजेशन सर्टिफिकेट), नागरिकता प्रमाणपत्र और कई मामलों में अमेरिकी पासपोर्ट भी नागरिकता के एक शक्तिशाली प्रमाण के रूप में माने जाते हैं।

ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में ये हैं व्यवस्थाएं

ब्रिटेन में ब्रिटिश पासपोर्ट के साथ-साथ पंजीकरण प्रमाणपत्र या नागरिकता ग्रहण प्रमाणपत्र को नागरिकता का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। कनाडा में नागरिकता प्रमाणपत्र और कनाडाई जन्म प्रमाणपत्र प्रमुख दस्तावेज माने जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया में नागरिकता प्रमाणपत्र और जन्म से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड नागरिकता साबित करने का आधार बनते हैं।

यानी दुनिया के कई देशों में जन्म प्रमाणपत्र, नागरिकता ग्रहण प्रमाणपत्र और नागरिकता प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज नागरिकता का स्पष्ट और औपचारिक आधार होते हैं। लेकिन भारत में तस्वीर उतनी सीधी नहीं दिखती क्योंकि यहां एक ऐसे एकल और सर्वमान्य नागरिकता प्रमाण को लेकर जिसे हर जगह बिना किसी विवाद के स्वीकार किया जाए, आम आदमी के मन में आज भी भ्रम बना हुआ है।

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