
लखनऊ, 26 जून 2026:
लखनऊ के अलीगंज में 15 लोगों की जान लेने वाले भीषण अग्निकांड की जांच में आग लगने की शुरुआती वजह सामने आ गई है। दमकल विभाग की तफ्तीश के मुताबिक पेट शॉप के गोदाम में रखे फ्रीजर में हुए शॉर्ट सर्किट से आग की शुरुआत हुई। इसके बाद आग तेजी से पूरी चार मंजिला अवैध इमारत में फैलती चली गई।
बता दें कि अलीगंज स्थित पुरनिया में गत 23 जून मंगलवार को अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हुई थी। इनमें ज्यादातर Animation Centre के छात्र थे, जिनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। मामले में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी जल्द अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है।
इससे पूर्व अग्निशमन विभाग ने शुरुआती जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट के अनुसार इमारत की पहली मंजिल पर पालतू जानवरों के सामान का गोदाम बना था। सबसे पहले फ्रीजर का तार जलने लगा। इसके बाद आग इमारत के बाहर लगे बैनर और होर्डिंग तक पहुंची। आग के साथ आंच बढ़ी तो एसी के कंप्रेसर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे लपटें ग्राउंड फ्लोर पर प्रवेश द्वार के पास लगे एसी के आउटडोर यूनिट तक पहुंच गईं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि देखते ही देखते नौ एसी आउटडोर यूनिट आग की चपेट में आ गए। इसी दौरान नीचे खड़ी बुलेट समेत तीन बाइक भी जलने लगीं। बाइकों के फ्यूल टैंक फटने के बाद आग पूरी तरह बेकाबू हो गई और पूरे भवन में फैल गई।अग्निशमन विभाग ने हादसे की वजहों और आग के फैलने की पूरी कड़ी को जोड़ते हुए एसआईटी के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के साथ इमारत का मैप भी लगाया गया है ताकि जांच में हर पहलू साफ हो सके।
जांच में यह भी सामने आया कि भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला ने कोई Fire NOC नहीं ली थी। इमारत में स्मोक सेंसर समेत जरूरी Fire Safety उपकरण भी नहीं लगे थे। रिपोर्ट में किस मंजिल पर कौन सा ऑफिस चल रहा था और आग किन हालात में फैली, इसका पूरा डिटेल शामिल किया गया है। तीन दिन तक चली गहन जांच के बाद तैयार की गई यह रिपोर्ट अब एसआईटी को सौंप दी गई है। इसी के आधार पर एसआईटी अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार करेगी।






