हरिद्वार, 27 जून 2026:
देशभर में 17 जून से चल रहे Nasha Mukt Bharat Week का उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ समापन हुआ। Nasha Mukt Bharat Campaign की थीम विकसित भारत की पहचान के तहत चले इस 10 दिवसीय अभियान में 1.31 करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लेकर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधि, विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम की सबसे बड़ी झलक हरिद्वार में निकली विशाल Nasha Mukt Rally रही। करीब चार हजार युवाओं, छात्रों और स्वयंसेवकों ने इसमें शामिल होकर नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। साथ ही गरिमापूर्ण वृद्धावस्था की शपथ भी दिलाकर वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और देखभाल का संदेश दिया।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का समाज नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित बनेगा। उन्होंने कहा कि Nasha Mukt Bharat केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जनआंदोलन है, जिसमें सरकार, परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और युवाओं की बराबर भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के जरिए देशभर में जागरूकता अभियान, Drug Demand Reduction, सामुदायिक भागीदारी और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूती मिलेगी।
अभियान के दौरान देशभर में नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण, नुक्कड़ नाटक, युवा सेमिनार, स्लोगन राइटिंग, ई-शपथ, पेंटिंग प्रतियोगिता और योग सत्र जैसी कई गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में लाखों लोगों ने भाग लेकर नशामुक्त जीवन का संदेश फैलाया।
समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिलों, सहायता प्राप्त संस्थानों और विभिन्न मंत्रालयों को सम्मानित किया गया। जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय काम करने वाले नशा मुक्ति मित्रों और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार दिए गए।
हरिद्वार में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से देशभर के हजारों छात्र, स्वयंसेवक, नशामुक्ति केंद्रों के संचालक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जुड़े। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने सभी संस्थानों, स्थानीय निकायों और युवा संगठनों से इस अभियान को लगातार आगे बढ़ाने की अपील की।






