
देहरादून, 23 जुलाई 2026:
देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की बिगड़ती Air Quality को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सचिवालय में राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम की संचालन समिति की सातवीं बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने तीनों शहरों की वायु गुणवत्ता की समीक्षा की और साफ कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए केवल योजनाएं नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाले कदम उठाए जाएं। उन्होंने तीनों शहरों में Air Quality की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
PM10 कम करने के लिए सड़कों और धूल पर रहेगा फोकस
बैठक में सबसे ज्यादा जोर पीएम 10 के स्तर को घटाने पर रहा। मुख्य सचिव ने कहा कि शहरों की खराब सड़कों की मरम्मत, सभी प्रमुख मार्गों का पक्कीकरण, फुटपाथों का निर्माण और धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम तेजी से किए जाएं। उनका कहना था कि सड़क किनारे फैला निर्माण सामग्री और धूल प्रदूषण की बड़ी वजह है, इसलिए इसे हटाने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
निर्माण मलबे के लिए बनेगा अलग सिस्टम
बैठक में Demolition Waste के निस्तारण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी स्थानीय निकायों को निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के लिए तय स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि लोगों को भी इसकी जानकारी दी जाए ताकि मलबा सड़कों या खाली जगहों पर फेंकने की बजाय निर्धारित स्थल तक पहुंचे।
वाहनों और फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण पर सख्ती
पीएम 2.5 के स्तर को कम करने के लिए वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराने, जरूरत पड़ने पर Pollution Control Board में अतिरिक्त मैनपावर बढ़ाने और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए प्रमुख चौराहों के सुधार कार्य कराने पर भी जोर दिया गया।
काशीपुर मॉडल का होगा अध्ययन
बैठक में बताया गया कि पिछले वर्षों की तुलना में काशीपुर में पीएम 2.5 के स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। मुख्य सचिव ने इसके पीछे की वजहों का विश्लेषण करने और जो उपाय सफल रहे हैं, उन्हें देहरादून और ऋषिकेश में भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों शहरों में किए जाने वाले सुधार कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की भी बात कही।
नई कार्ययोजना व जागरूकता अभियान पर जोर
मुख्य सचिव ने 2026-27 के लिए राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम के तहत वार्षिक कार्ययोजना जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपयोगी और प्राथमिकता वाले प्रस्ताव पहले भेजे जाएं ताकि उन पर समय रहते काम शुरू हो सके। साथ ही शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों और Smart City के डिस्प्ले बोर्ड के जरिए लोगों को प्रदूषण नियंत्रण के प्रति लगातार जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव डॉ. आनन्द श्रीवास्तव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






