
सीतापुर, 30 जून 2026:
सीतापुर के पॉश सिविल लाइन इलाके में स्थित करीब 25 बीघा में फैली अशरफ मंजिल एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रशासन ने परिसर पर नोटिस चस्पा कर कब्जेदारों को 10 जुलाई तक जिलाधिकारी न्यायालय में अपना पक्ष रखने का समय दिया है। इस कार्रवाई के बाद करोड़ों रुपये की इस नजूल जमीन को लेकर शहर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अशरफ मंजिल परिसर में पुरानी इमारत के साथ फुलवारी और मस्जिद भी मौजूद है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक इस जमीन की कीमत 50 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है। प्रस्तावित नए जिला अस्पताल के विस्तार के लिए भी इस जमीन को अहम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक यह जमीन ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1906 में तत्कालीन व्यवस्था के तहत बंगला मुंशी के लिए आवंटित की गई थी। लंबे समय से पट्टे का नवीनीकरण नहीं होने के बाद प्रशासन ने रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद अब कब्जेदारों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।
तहसील प्रशासन की टीम ने पुलिस बल के साथ अशरफ मंजिल पहुंची। अधिकारियों ने कब्जेदारों को नोटिस सौंपने के साथ इमारत पर भी नोटिस चस्पा कराया। नोटिस में साफ कहा गया है कि संबंधित पक्ष 10 जुलाई तक सभी जरूरी दस्तावेज और साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें।

उप जिलाधिकारी जनार्दन ने बताया कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जमीन प्रशासन के कब्जे में आती है तो उसका इस्तेमाल पास में बन रहे नए जिला अस्पताल के परिसर विस्तार के लिए किया जाएगा।
सिविल लाइन इलाके में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई है। इससे पहले 24 जून को जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर मिशन स्कूल की जमीन से जुड़े मामले में भी नोटिस चस्पा किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने शहर में नजूल भूमि से जुड़े मामलों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।






