सीतापुर, 14 जून 2026:
सीतापुर जिले में जंगली जानवरों की गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिसावां क्षेत्र के प्रेमपुर गांव में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं खैराबाद के जोशी टोला में छह बकरियों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जंगली जानवर के हमले की पुष्टि कर दी है।
पिसावां क्षेत्र के प्रेमपुर गांव में गोमती नदी के किनारे ग्रामीणों को तेंदुए के साफ पगचिह्न दिखाई दिए। इसी इलाके में एक वनरोज का क्षत-विक्षत शव भी मिला, जिसे काफी हद तक किसी हिंसक जानवर द्वारा खाया जा चुका था। ग्रामीण विपिन ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार पिंटू को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
वन दरोगा विनीत सक्सेना ने पगचिह्नों का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी है। वन विभाग ने पूरे इलाके में कॉम्बिंग अभियान शुरू कर दिया है और ग्रामीणों को अकेले खेतों तथा नदी किनारे न जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने शाम के बाद समूह में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में प्रेमपुर गांव में तेंदुए की यह तीसरी दस्तक है। इससे पहले भी पगचिह्न मिलने और छोटे जानवरों के शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। भय के कारण ग्रामीण रात में थाली और पीपा बजाकर जंगली जानवरों को दूर भगाने की कोशिश कर रहे हैं।
उधर, खैराबाद नगर के जोशी टोला में एक बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर छह बकरियों को मार डालने की घटना ने भी लोगों को भयभीत कर दिया है। दीपक जोशी के घर में बंधी बकरियां मृत मिली थीं। प्रारंभिक जांच में वन विभाग ने इसे मानवीय कृत्य बताया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी जंगली जानवर के हमले से मौत की पुष्टि हुई है।
खैराबाद पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट में जानवर के हमले की पुष्टि हुई है। हालांकि वन विभाग अब भी किसी बड़े जंगली जानवर की मौजूदगी से इनकार कर रहा है। इसी बीच क्षेत्र के कई लोगों ने रात के समय संदिग्ध जंगली जानवर देखे जाने का दावा किया है। स्थानीय निवासी कुसमा देवी और वसी अहमद ने बताया कि उन्होंने बड़े बालों और लंबी पूंछ वाले जानवर को देखा। खाली पड़े मैदान में कुछ पगचिह्न भी मिले हैं, जिन्हें वन विभाग कुत्ते के निशान बता रहा है।
जंगली जानवर की मौजूदगी की आशंका के बीच वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। वन विभाग ने इलाके का दौरा कर लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।






