
न्यूज डेस्क, 30 जून 2026:
देश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल बदलाव को नई रफ्तार देते हुए केंद्र सरकार ने आरोग्य सेतु 2.0 लॉन्च कर दिया है। कोरोना महामारी के दौरान कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला आरोग्य सेतु अब एक ऑल-इन-वन हेल्थ प्लेटफॉर्म बन गया है। इसके जरिए लोगों को इलाज, आयुष्मान भारत योजना, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, स्वास्थ्य बीमा क्लेम और डॉक्टरों से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही ऐप पर उपलब्ध होंगी।
इससे मरीजों को अलग-अलग ऐप और पोर्टल का सहारा नहीं लेना पड़ेगा तथा स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक आसान, तेज और पारदर्शी बनेंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में आरोग्य सेतु 2.0 सहित स्वास्थ्य क्षेत्र की 10 प्रमुख डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया। इनमें आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज (एनएचसीएक्स), इंश्योरेंस प्लान एफएचआईआर ऑब्जेक्ट क्रिएटर, ई-सुश्रुत क्लीनिक, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई), ड्रग रजिस्ट्री, कॉमन एलओआईएनसी कोड फॉर इंडिया (सीएलसीआई) और भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (बीएचटीएस) शामिल हैं।
इस अवसर पर नड्डा ने कहा कि देश में अब तक 90 करोड़ से अधिक आभा (ABHA) खाते बनाए जा चुके हैं। 100 करोड़ से ज्यादा डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन खातों से जोड़े जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम वाले देशों में शामिल हो गया है।
सरकार के अनुसार यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई) आम नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इसके माध्यम से मरीजों को डॉक्टर, अस्पताल, ब्लड बैंक, जन औषधि केंद्र या एंबुलेंस जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी। यूएचआई पर ही आभा हेल्थ आईडी, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी सेवाएं, स्वास्थ्य बीमा क्लेम, डॉक्टरों और अस्पतालों की डिजिटल सुविधाएं तथा स्वास्थ्य दस्तावेजों का सुरक्षित डिजिटल संग्रह उपलब्ध रहेगा।
नई व्यवस्था से मरीजों को बार-बार जांच रिपोर्ट, पर्चे और मेडिकल फाइलें साथ लेकर अस्पताल जाने की जरूरत काफी हद तक खत्म होगी। वहीं, नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) स्वास्थ्य बीमा क्लेम की प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाएगा। इसके अलावा, ई-सुश्रुत क्लीनिक छोटे और मध्यम क्लीनिकों के लिए डिजिटल प्रबंधन प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, जिससे मरीजों का रिकॉर्ड, अपॉइंटमेंट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का संचालन पहले से अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

सरकार का मानना है कि इन पहलों से देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को एकीकृत, सुरक्षित तथा सुविधाजनक स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।






