
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 1 जुलाई 2026ः
देहरादून के डीएम डॉ. आशीष चौहान ने जिला आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, संचार प्रणाली और आपदा तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए खोदी गईं सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढे या असुरक्षित स्थिति किसी भी हाल में नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। कहा कि एक जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारी व कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने एनआईसी सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मानसून तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सभी सड़कों की तत्काल मरम्मत कराएं। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में स्टोन क्रशरों का सत्यापन करें और यह सुनिश्चित करें कि वे बंद हैं कि नहीं। साथ ही यह भी देखें कि नदियों में किसी भी प्रकार का खनन तो नहीं हो रहा है।
उन्होंने दोहराया कि एक जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में खनिज परिवहन करते पाए जाने वाले वाहनों को तत्काल सीज कर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर वार्निंग सायरन और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को चिह्नित कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन के अनुसार नगर निगम ने जलभराव और नदी किनारे स्थित 29 संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की है, जहां करीब 3700 परिवार और 900 मकान हैं। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






