Uttarakhand

देवभूमि के आरोग्य प्रहरियों को धामी का सलाम, AI Health Center से Specialist Cadre तक कई बड़े ऐलान

देहरादून में डॉक्टर्स डे पर अलग-अलग हुए कार्यक्रमों में सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ने लिया हिस्सा, उत्कृष्ट सेवाओं पर डॉक्टर सम्मानित, सीएम ने कहा प्रदेश में 12 लाख से ज्यादा मरीजों को Ayushman Bharat का मिला मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य मंत्री का ऐलान- सभी सरकारी Medical Colleges में AI Center of Excellence बनाने की तैयारी, 2026 के अंत तक रिक्त पद भरने का लक्ष्य

देहरादून, 2 जुलाई 2026:

नेशनल डॉक्टर्स डे पर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई बड़े संदेश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिकित्सकों को देवभूमि का आरोग्य प्रहरी बताते हुए उनकी सेवा भावना को नमन किया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मेडिकल कॉलेजों में Artificial Intelligence Center of Excellence स्थापित करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों का अलग कैडर बनाने समेत कई अहम घोषणाएं कीं। अलग-अलग कार्यक्रमों में प्रदेश के 37 प्रतिष्ठित डॉक्टरों को सम्मानित भी किया गया।

देहरादून के चकराता रोड स्थित एक होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर केवल बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि मरीज को भरोसा, उम्मीद और नया जीवन देने का काम भी करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में कठिन हालात के बीच सेवाएं दे रहे चिकित्सकों का योगदान बेहद अहम है।
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मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण की मिसाल है। उन्होंने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस कठिन दौर में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों समेत पूरे स्वास्थ्य तंत्र ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लाखों लोगों की जिंदगी बचाई। कई चिकित्सकों ने अपनी जान तक कुर्बान कर दी, जिनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

धामी ने कहा कि प्रदेश में Health Infrastructure लगातार मजबूत किया जा रहा है। अब तक 62 लाख से ज्यादा Ayushman Bharat कार्ड बनाए जा चुके हैं। करीब 12 लाख मरीजों को 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैशलेस इलाज मिल चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, दो नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में Super Speciality सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। हल्द्वानी में आधुनिक Cancer Institute का निर्माण तेजी से चल रहा है, जबकि किच्छा में एम्स के Satellite Centre का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर इलाज पहुंचाने के लिए Telemedicine सेवाओं का लगातार विस्तार किया गया है। आपात स्थिति में Heli Ambulance सेवा भी लोगों के लिए बड़ी राहत बन रही है। उन्होंने साफ कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य माहौल राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी चिकित्सक के साथ हिंसा या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि Digital Health, Artificial Intelligence जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं, लेकिन किसी भी व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत समर्पित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ही होते हैं। मरीज के लिए डॉक्टर केवल इलाज करने वाला नहीं, बल्कि विश्वास का सबसे मजबूत आधार होता है।

उधर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित पांचवें Doctor of the Year सम्मान समारोह में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में Artificial Intelligence Center of Excellence स्थापित करेगी। इससे डॉक्टरों को भविष्य की नई तकनीकों के मुताबिक तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक सरकारी मेडिकल कॉलेजों के सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। पदोन्नति की प्रक्रिया भी शत-प्रतिशत पूरी की जाएगी।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में Specialist Doctors का अलग कैडर बनाया जाएगा, जिससे विशेषज्ञ सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।
समारोह में इस वर्ष 32 उत्कृष्ट डॉक्टरों को Doctor of the Year Award, तीन चिकित्सकों को Outstanding Leadership Award और तीन चिकित्सकों को Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने भी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की।

सम्मानित चिकित्सकों में डॉ राकेश रावत, डॉ अच्युत नारायण पाण्डेय, डॉ विनिता रावत, डॉ अनिश गुप्ता, डॉ पंकज कंडवाल, डॉ सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ साशा लाबरू, डॉ आनंद कुमार गोयल, डॉ तृप्ति चौधरी, डॉ ज्योत्सना सेठ, डॉ धीराज गुप्ता, डॉ सुमन कुमारी पाण्डेय, डॉ गोदावरी जोशी, डॉ सुभाष जोशी, डॉ हरि शंकर पाण्डेय, डॉ विनिता गुप्ता, प्रो डॉ पंकज कुमार गर्ग, डॉ प्रशांत शारदा, डॉ उर्मिला पलारिया, डॉ अनिल पाण्डेय, डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ जॉली अग्रवाल, डॉ श्रुति बर्नवाल, डॉ विवेकानंद सत्यवाली, डॉ सुबोध नौटियाल, डॉ शैली व्यास, डॉ वीणा अस्थाना, डॉ सिद्धांत खन्ना, डॉ शिवम डंग, डॉ अंजना टाक, डॉ पारुल शर्मा और डॉ राजीव कुमार शामिल रहे।

वहीं Lifetime Achievement Award डॉ महेश कुरियाल, डॉ जेएन नौटियाल और डॉ यशवंत सिंह बिष्ट को दिया गया। वहीं Outstanding Leadership Award डॉ गीता जैन, डॉ गोविन्द तितियाल और डॉ सौरभ वार्ष्णेय को मिला।

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