योगेंद्र मलिक
देहरादून, 18 जून 2026:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, पशुपालन और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा के निधन पर शोक जताते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव और सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसे शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
उत्तराखंड संस्कृत नियमावली-2026 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। वहीं कोलतार की उपलब्धता प्रभावित होने के चलते सड़क निर्माण से जुड़ी कई परियोजनाओं के टेंडर और अनुबंधों की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
आबकारी विभाग की नियमावली में बदलाव करते हुए वेट और सेस पर लागू दोहरे कर की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। इससे कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में परफ्यूम और अन्य सुगंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक लैब स्थापित की जाएगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की हिमालय कार रैली के आयोजन को भी मंजूरी दी गई है। इसमें करीब 25 देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

कैबिनेट का सबसे अहम फैसला उपनल कर्मचारियों से जुड़ा रहा। सरकार ने समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को मंजूरी दे दी है। अब तक वर्ष 2018 की कटऑफ तिथि के आधार पर सीमित कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा था, लेकिन अब कटऑफ से बाहर के कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा। इससे हजारों उपनल कर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कारागार नियमावली में संशोधन करते हुए अभ्यस्त अपराधी की परिभाषा तय की गई है। विभागीय सेवा नियमावली में बदलाव कर विभिन्न पदों की संख्या बढ़ाने का फैसला भी लिया गया।
राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को हाल में पूरी हुई भर्तियों में भी लागू करने की मंजूरी दी गई है। चारधाम यात्रा में इस्तेमाल होने वाले घोड़े-खच्चरों समेत अन्य पशुओं के बीमा प्रीमियम में सरकार 20 प्रतिशत अंशदान देगी, जिस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने को भी हरी झंडी दे दी।






