देहरादून, 1 अप्रैल 2026:
देहरादून में पब, बार और रेस्टोरेंट अब सिर्फ समय सीमा ही नहीं बल्कि अपने स्टाफ को लेकर भी सख्त निगरानी में आ गए हैं। एसएसपी ने संचालकों के साथ बैठक में साफ कर दिया है कि किसी भी प्रतिष्ठान में बिना पूरी जांच के कर्मचारी रखना अब भारी पड़ सकता है।
दरअसल मसूरी रोड पर स्कार्पियो व फार्च्यूनर सवार लोगों ने एक दूसरे का पीछा कर फायरिंग की थी।इस दौरान मार्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना का खुलासा जब हुआ तो बार संचालक व कर्मचारी की गिरफ्तारी हुई। मुख्य सचिव में साफ कहा था कि देहरादून को हुड़दंगियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। इसी के बाद एसएसपी ने बैठक में पब, बार व रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बैठक की। निर्देश दिया गया कि सभी कर्मचारियों का पूरा बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जाए। हर स्टाफ का नाम, पता और जरूरी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, ताकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की एंट्री रोकी जा सके।

संचालन को लेकर साफ निर्देश दिए गए हैं कि तय समय के बाद प्रतिष्ठान खुला मिला तो सीधे केस दर्ज होगा और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू हो सकती है। संचालकों को यह भी कहा गया है कि उनके यहां अगर कोई विवाद या झगड़ा होता है तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें। सूचना छिपाने पर बाद में होने वाली घटना के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके अलावा एंट्री और एग्जिट पर लगे सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस पुलिस को देना जरूरी किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में आसानी हो सके। छात्रों को लेकर भी खास निर्देश दिए गए हैं। देर रात तक पब-बार में बैठे रहने पर रोक लगाई गई है, क्योंकि इसके बाद नशे में गाड़ी चलाने से हादसों का खतरा बढ़ता है। पुलिस ने यह भी माना कि शहर में ऐसे प्रतिष्ठानों की संख्या ज्यादा है और फोर्स सीमित है, इसलिए संचालकों से उम्मीद की गई है कि वे नियमों का खुद पालन करें और माहौल को बिगड़ने से रोकने में सहयोग दें।






