राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 15 अप्रैल 2026:
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में बुधवार को ‘नारी शक्ति वंदन टाउन हॉल सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसमें महिला सशक्तिकरण को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को देश के राजनीतिक इतिहास में महिलाओं के अधिकारों और भागीदारी को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर बताया।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिनियम मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित होगी जिससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत व समावेशी बनेगा।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इसे परिवर्तनकारी प्रयास बताते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और नेतृत्व प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे देश की आधी आबादी मुख्यधारा में आएगी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकेगी।
उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं के इतिहास में नई शुरुआत है। उन्होंने मातृशक्ति से इस पहल को जनआंदोलन का रूप देने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुलेखा डंगवाल, उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना और दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य गीता जैन सहित कई प्रमुख महिलाएं मौजूद रहीं।






