
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए उनके द्वारा देखे गए सपनों को आज डबल इंजन की सरकार साकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने की कोशिशों का डॉ. मुखर्जी ने मजबूती से विरोध किया। उनके संघर्ष, दूरदर्शिता और दृढ़ नेतृत्व के कारण पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल में डॉ. मुखर्जी से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों का पुनरुद्धार करा रही है। आज वहां भी डबल इंजन सरकार उनके विचारों को आगे बढ़ा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1901 में बंगाल में जन्मे डॉ. मुखर्जी ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अध्यापन से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। मात्र 33 वर्ष की आयु में उन्हें कोलकाता विश्वविद्यालय का कुलपति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति (खाद्य) मंत्री के रूप में मजबूत खाद्य एवं औद्योगिक नीति तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू की नीतियों से असहमति जताते हुए डॉ. मुखर्जी ने सत्ता का मोह त्यागकर मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे’ का उद्घोष करते हुए जम्मू-कश्मीर की विशेष व्यवस्था और परमिट प्रणाली के खिलाफ आंदोलन छेड़ा। इसी आंदोलन के दौरान वर्ष 1953 में कश्मीर में उनका निधन हुआ जिसे मुख्यमंत्री ने राष्ट्र की एकता के लिए सर्वोच्च बलिदान बताया।
सीएम योगी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जिस धारा 370 के विरोध का शंखनाद किया था, उसे पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने समाप्त कर उनके सपने को साकार किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी मुकेश शर्मा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






