
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में ऐसा फैसला लिया गया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बिना लिखित परीक्षा सीधे अफसर बनने का मौका मिलेगा। यह फैसला प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा खेल विभाग से जुड़े उस प्रस्ताव की रही, जिसके तहत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स, पैरा एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी सेवा में नियुक्त करने का रास्ता साफ कर दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत इन खिलाड़ियों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की नियमित चयन प्रक्रिया से बाहर होगी। यानी उन्हें किसी लिखित परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ेगा। पदक के आधार पर सीधे चयन कर Group A और Group B के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।
सरकार ने पहले चरण में क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 9 पद और उप क्रीड़ा अधिकारी के 23 पदों पर भर्ती का फैसला लिया है। इन कुल 41 पदों पर पात्र पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति मिलेगी।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लंबी भर्ती प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने उन्हें सीधे सरकारी सेवा में शामिल करने की व्यवस्था कर दी है। गिरीश यादव का कहना है कि इस फैसले से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा, युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे और उत्तर प्रदेश को Sports Hub बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।






