
योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 6 जुलाई 2026ः
हरिद्वार में डीएम मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई कार्यक्रम में किसी ने आठ माह से वेतन लंबित होने तो किसी ने भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। जनसुनवाई के दौरान 90 शिकायतें आईं, जिनमें से 48 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, शेष शिकायतों को समय से कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। इस दौरान भूमि विवाद, राशन कार्ड, विद्युत, पेयजल, जलनिकासी, अतिक्रमण, सड़क निर्माण सहित विभिन्न जनसमस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
जनसुनवाई में पहुंचे सलेमपुर मेहदूद निवासी ज्ञानचंद ने अपनी खाली भूमि पर अवैध कब्जा कर कबाड़ रखने की शिकायत कर भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। विकासखंड नारसन की ग्राम पंचायत हरजौलीजट के ग्राम प्रधान ने पंचायत क्षेत्र में चल रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स व सौंदर्यीकरण कार्य में कुछ लोगों द्वारा बाधा पहुंचाने और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को धमकाने की शिकायत कर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। भगवानपुर क्षेत्र के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पैतृक आम के बाग में अपने हिस्से की तैयार फसल जबरन तोड़े जाने की शिकायत करते हुए प्रशासन से सुरक्षा व कार्रवाई की मांग की।
ग्राम भोगपुर निवासी अर्जुन कुमार ने बीएसएनएल में जनरेटर ऑपरेटर के रूप में कार्य करने के दौरान आठ माह से लंबित वेतन के भुगतान की डीएम से गुहार लगाई। कनखल निवासी उमा सिपाहा ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने व सड़क निर्माण कराने की मांग की। बहादराबाद निवासी तजेंद्र सिंह ने दौलतपुर क्षेत्र में जलभराव, जलनिकासी व्यवस्था के अभाव और गंगा कैनाल के बंधे पर कटाव को गंभीर बताते हुए ड्रेनेज नालों का निर्माण कराने की मांग की। वहीं, ग्राम बिशनपुर कुंडी (झरड़ा अहतमाल) के घुमंतू एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों ने पूर्व में की गई शिकायतों पर कार्रवाई न होन पर नाराजगी जताई।
डीएम ने कहा कि जो शिकायतें लगातार जनसुनवाई में आ रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जिन मामलों में निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि एल-1 स्तर पर 501 व एल-2 स्तर पर 151 शिकायतें लंबित हैं। इन सभी मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।






