
लखनऊ, 7 जुलाई 2026:
यूपी 12 जुलाई को देश के सबसे बड़े पौधरोपण अभियानों में से एक का साक्षी बनेगा। पूरे प्रदेश में जनसहभागिता के साथ एक ही दिन 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इस महाअभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वन मुख्यालय में वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
वन मंत्री ने बताया कि यह अभियान पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ‘हरियाली का उत्सव’ बनाकर जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। केंद्र और प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूलों, कॉलेजों तथा आम नागरिकों की भागीदारी से पूरे प्रदेश में पौधरोपण होगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में वन विभाग 15.50 करोड़, ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़ और पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधे लगाएगा। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन जैसे नए वन विकसित किए जाएंगे।
डॉ. सक्सेना ने बताया कि अभियान के तहत मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा जैसी विशेष पहल भी शुरू होंगी। मिशन छाया के तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को भाई-बहन पौधरोपण और 5 सितंबर को ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान भी चलाया जाएगा। प्रदेश की करीब दो हजार नर्सरियों में 57.62 करोड़ से अधिक पौधे तैयार हैं। उनका वितरण शुरू किया जाएगा।
बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पौधों की समय पर उपलब्धता, कृषि वानिकी को बढ़ावा और एक्सप्रेसवे व राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पौधरोपण के साथ नियमित सिंचाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पशुधन मंत्री डॉ. धर्मपाल सिंह ने गोआश्रय स्थलों में विकसित किए जा रहे गोपाल वनों में छायादार एवं चारा प्रजातियों के पौधे लगाने की बात कही।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी जनभागीदारी, विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका, फलदार पौधों के रोपण और पौधों की सुरक्षा एवं सिंचाई पर विशेष बल दिया। बैठक में वन राज्यमंत्री केपी मलिक, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।






