
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 8 जुलाई 2026ः
बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर हमला कर रहा है। कांग्रेस के नेताओं ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और धामी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीकेटीसी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब अध्यक्ष पद छोड़ें और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के लगभग हर विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। सरकार की ओर से कराई जा रही जांचों पर जनता का भरोसा नहीं रह गया है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ चढ़ावा की चोरी का मामला बेहद गंभीर है, लेकिन जब जांच की निगरानी उसी व्यवस्था के हाथों में हो जिस पर सवाल उठ रहे हों, तो निष्पक्षता पर संदेह स्वाभाविक है। गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए विधानसभा की सर्वदलीय समिति से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सत्ता में संतुलन जरूरी है।
विधायक लखपत बुटोला ने कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि बदरीनाथ सहित चारधाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे का सुरक्षित रखरखाव, पारदर्शी लेखा-जोखा और उसकी जवाबदेही तय करना बीकेटीसी का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदारी निभाने में समिति पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि समिति के केवल एक कर्मी को निलंबित कर कार्रवाई का दिखावा किया जा रहा है। उनका दावा है कि मामला किसी एक कर्मचारी तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक बड़े घोटाले की ओर संकेत करता है।






