
लखनऊ, 8 जुलाई 2026:
यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई में रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास से अकूत संपत्ति बरामद हुई है। करीब 26 घंटे तक चली छापेमारी में टीम को 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, हीरे के आभूषण, 1.62 करोड़ रुपये नकद और 15 अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। विजिलेंस ने बरामद चल और अचल संपत्ति की अनुमानित कीमत 35 करोड़ रुपये से अधिक आंकी है।
विजिलेंस के अनुसार ललित कुमार मूल रूप से रायबरेली के सेंगहो कोठी के निवासी हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस समय वह आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी के सी-143 आवास में रह रहे हैं।

कोर्ट से तलाशी वारंट मिलने के बाद 7 जुलाई की दोपहर विजिलेंस की टीम उनके घर पहुंची और घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। जांच के दौरान अलग-अलग कमरों और दीवारों में पैकेट बनाकर छिपाए गए करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा 13 किलो सोना, करीब 9 किलो चांदी और हीरे के आभूषण मिले, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये बताई गई है।
तलाशी में लखनऊ के अलीगंज, वृंदावन योजना, इस्माइलगंज, मोहनलालगंज और बालकगंज समेत कई स्थानों पर मकान, प्लॉट और कृषि भूमि के दस्तावेज भी मिले। वहीं नोएडा में दो फ्लैट की बुकिंग तथा बाराबंकी और रायबरेली में जमीन से जुड़े कागजात भी बरामद किए गए। इन अचल संपत्तियों की कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच के दौरान एक इनोवा, एक हुंडई आई-20 कार, एक रिवॉल्वर, बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले। घर की आलीशान साज-सज्जा और महंगे घरेलू सामान पर किए गए भारी खर्च के भी प्रमाण मिले हैं। विजिलेंस अब बरामद संपत्ति के स्रोत और आय से अधिक संपत्ति के पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है।






