
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 8 जुलाई 2026ः
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ते हुए वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई दिशा देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और शोध आधारित परियोजनाओं को गति देने के निर्देश भी दिए।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने लोक भवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों, विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना (रोडमैप) की जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में विकसित की जा रही आधारभूत संरचना और संस्थागत विकास से जुड़े कार्यों से भी राज्यपाल को अवगत कराया।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘आयुर्गाथा’ और एक लघु फिल्म भी राज्यपाल को भेंट की। राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इसे आधुनिक शोध, विज्ञान और तकनीक के साथ समन्वित कर वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपेक्षा जताई कि वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की अवस्थापना सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें और सुदृढ़ बनाने व शोध एवं नवाचार आधारित परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।






