
लखनऊ, 9 जुलाई 2026:
यूपी की लखनऊ की अलीगंज कॉलोनी के सेक्टर-डी स्थित उस अवैध बिल्डिंग को लेकर आज बड़ा फैसला आने की उम्मीद है जिसमें 22 जून को भीषण आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। भवन के ध्वस्तीकरण संबंधी मामले की सुनवाई आज एलडीए के विहित अधिकारी अतुल कुमार की कोर्ट में होगी। बुधवार को बिल्डिंग मालिक के वकीलों की मांग पर कोर्ट ने पक्ष रखने के लिए सिर्फ एक दिन का अतिरिक्त समय दिया है।
इस मामले की पहली सुनवाई मंगलवार को हुई थी लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। बिल्डिंग मालिक के वकीलों ने नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। इसे कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए केवल एक दिन की मोहलत दी।

बुधवार को दोबारा सुनवाई के दौरान बिल्डिंग मालिक की ओर से नई भवन निर्माण उपविधि का हवाला देते हुए निर्माण को वैध घोषित करने या इस मुद्दे पर विस्तृत बहस कराने की मांग की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि भवन का कोई हिस्सा अवैध है तो उसे भवनस्वामी को स्वयं हटाने की अनुमति दी जाए। वकीलों ने अन्य अदालत में सुनवाई का हवाला देकर दो दिन का समय भी मांगा लेकिन विहित प्राधिकारी ने स्पष्ट किया कि समय केवल एक दिन का ही मिलेगा।
हालांकि, बहस के लिए शाम चार बजे तक इंतजार करने की बात कहते हुए गुरुवार की तारीख तय कर दी गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जवाब में यह दलील भी दी गई है कि नई भवन निर्माण उपविधि के अनुसार 18 मीटर चौड़ी सड़क पर आवासीय के साथ व्यावसायिक निर्माण की अनुमति है, इसलिए भवन का शमन मानचित्र स्वीकृत किया जाए।
गौरतलब है कि 22 जून को इस बिल्डिंग में संचालित एनिमेशन सेंटर में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि भवन में फायर सेफ्टी, सेटबैक समेत कई अनिवार्य मानकों का पालन नहीं किया गया था। आवासीय मानचित्र स्वीकृत होने के बावजूद भवन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इसी आधार पर एलडीए ने 23 जून को भवन मालिक को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की थी।






