
विजय पटेल
रायबरेली, 9 जुलाई 2026:
रायबरेली में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब नौ करोड़ रुपये का लोन हासिल करने के मामले में पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। शहर कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले भी इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह मामला शहर के कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से जुड़ा है। शाखा प्रबंधक मुकेश की तहरीर पर शहर कोतवाली में 29 दिसंबर 2025 को धोखाधड़ी समेत दूसरी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायत में बताया गया था कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 48 पर्सनल लोन लेकर करीब नौ करोड़ रुपये हासिल कर लिया।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब लोन की किस्तें समय पर जमा नहीं हुईं। बैंक स्तर पर जांच शुरू हुई तो दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद बैंक ने पुलिस को शिकायत दी और पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान पुलिस पहले भी इस गिरोह से जुड़े दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसी कड़ी में अब फरार चल रहे पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लोन दिलाने की साजिश में शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपियों में लखनऊ कृष्णानगर निवासी रामनरेश भारती, उन्नाव आसीवन निवासी राजेन्द्र कुमार, मनोज व करण सिंह के साथ रायबरेली ऊंचाहार निवासी सूरज सोनी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह के नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों और पूरे फर्जीवाड़े में शामिल दूसरे लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।






