Uttarakhand

मानसून ने रोकी चारधाम यात्रा की रफ्तार, गंगोत्री से बद्रीनाथ तक भूस्खलन, हाईवे पर थमे पहिए

बारिश से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और नैनीताल सबसे ज्यादा प्रभावित, कई जगह भूस्खलन से सड़कें ठप, प्रशासन ने 24 घंटे अलर्ट जारी किया, कैंचीधाम में 124.4 मिमी बारिश दर्ज, मशीनों के जरिए रास्ते खोलने का काम लगातार जारी

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 9 जुलाई 2026:

उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश का असर अब पूरे प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। भूस्खलन, मलबा और पहाड़ियों से बोल्डर गिरने की घटनाओं ने चारधाम यात्रा को भी प्रभावित कर दिया है। गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले कई प्रमुख मार्ग अलग-अलग जगहों पर बंद हो गए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है। सभी जिलों के अधिकारियों और आपदा से जुड़े विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी उत्तरकाशी जिले में सामने आई है। नालूपानी क्षेत्र में भारी मलबा आने से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। वहीं स्यानाचट्टी के पास पहाड़ी खिसकने से यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही रुक गई। दोनों मार्गों पर फंसे यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें जेसीबी और दूसरी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं ताकि जल्द से जल्द रास्ता खोला जा सके।
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बद्रीनाथ यात्रा मार्ग भी बारिश की मार से अछूता नहीं रहा। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीनधारा के पास पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण हाईवे बंद हो गया। अचानक रास्ता बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर हालात सामान्य होने का इंतजार कराया जा रहा है।

रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू क्षेत्र में भी भूस्खलन के चलते सड़क बाधित हो गई। सड़क खोलने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश कम होते ही मार्ग बहाल करने की कोशिश तेज कर दी जाएगी।
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इस बीच नैनीताल जिले में भी भारी बारिश ने जनजीवन पर बड़ा असर डाला है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 124.4 मिमी बारिश कैंचीधाम में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा नैनीताल के स्नो व्यू क्षेत्र में 119 मिमी, बेतालघाट में 118.5 मिमी, मुक्तेश्वर में 96.2 मिमी और काठगोदाम में 72 मिमी बारिश दर्ज की गई।

लगातार हो रही बारिश की वजह से नैनीताल जिले में पांच राज्य मार्ग और 18 ग्रामीण सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं। कई इलाकों में ग्रामीणों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन सड़कें खोलने के साथ हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से भी मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ने की अपील की गई है।

सुरकंडा धाम के प्रवेश द्वार पर भूस्खलन, पुराना भवन क्षतिग्रस्त

टिहरी जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां सुरकंडा धाम के प्रवेश द्वार कद्दूखाल बाजार में भी बारिश के बीच खतरा बढ़ गया है। यहां होटल निर्माण के लिए की जा रही पहाड़ी कटिंग के पास अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे एक पुराना भवन भरभराकर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

हालांकि प्रशासन ने समय रहते खतरे वाले इलाके को खाली करा लिया। दो रेस्टोरेंट, कई अस्थायी खोखे और मजदूरों की झुग्गियों को पहले ही हटवा दिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन अब पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आसपास के इलाकों में भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। बारिश के लगातार जारी रहने से पहाड़ी जिलों में जोखिम बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और मौसम विभाग व जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।

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