
बाराबंकी, 9 जुलाई 2026:
बाराबंकी जिला अस्पताल में निलंबित ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रोहित प्रसाद के खिलाफ चल रही जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। शासन के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच टीम अस्पताल पहुंची और डॉक्टर के कक्ष में रखे जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। जांच पूरी होने तक कमरे में मौजूद अलमारी को भी सील कर दिया गया।
जांच टीम में सीएमएस डॉ. जेपी मौर्या, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. एसपी यादव और डॉ. वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। टीम पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए जरूरी अभिलेख कब्जे में लिए गए हैं, जबकि बाकी सामान को सील कर दिया गया है।

डॉ. रोहित प्रसाद को 4 जुलाई को निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ मरीजों से ठीक तरह से बात न करने, अभद्र व्यवहार करने, अस्पताल के स्टाफ और अधिकारियों के साथ खराब रवैया अपनाने और ऑपरेशन थिएटर में तय समय पर नहीं पहुंचने जैसी कई शिकायतें सामने आई थीं।
शुरुआती जांच में इन आरोपों की पुष्टि होने के बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। साथ ही उनका संबंध अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल कार्यालय से कर दिया गया। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्या ने बताया कि शासन के निर्देश के मुताबिक जांच शुरू कर दी गई है। डॉक्टर के कक्ष से जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित कर लिए गए हैं और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक अलमारी सील रहेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले की समीक्षा के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य, अयोध्या मंडल भी इसी सप्ताह बाराबंकी आ सकते हैं। उनके दौरे के दौरान जांच की प्रोग्रेस और उपलब्ध रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जाएगी।






