
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 10 जुलाई 2026:
गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मोहनलालगंज पहुंचने पर स्वागत किया गया। नगर पंचायत क्षेत्र के रानीखेड़ा स्थित एसडीवी एकेडमी परिसर में आयोजित जनसभा में सैकड़ों श्रद्धालु, संत, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और महिलाओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण को लेकर लोगों से संकल्प भी दिलाया गया।
सभा में शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन आज उन्हें सिर्फ एक पशु मानकर देखा जा रहा है, जो सनातन परंपरा के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल दूध देने वाला पशु नहीं बल्कि भारतीय कृषि व्यवस्था, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत का अहम आधार हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिलेगा और पूरे देश में गौहत्या पर पूरी तरह रोक लगाने वाला प्रभावी कानून नहीं बनेगा, तब तक भारत को विश्वगुरु बनाने का लक्ष्य अधूरा रहेगा।

शंकराचार्य ने केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा कि गौ संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया जाए। उन्होंने गौहत्या करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान करने, गौशालाओं को आर्थिक मदद देकर आत्मनिर्भर बनाने और गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की जरूरत बताई।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राजनीतिक मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा के लिए वर्ष 2027 में सत्ता परिवर्तन जरूरी है। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मतदान करते समय जाति और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर धर्म और संस्कृति की रक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
जनसभा में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, पूर्व विधायक अम्बरीश सिंह पुष्कर, पूर्व बार अध्यक्ष श्रवण कुमार यादव, अमरेंद्र सिंह यादव, अरुणेश प्रताप सिंह, राजकिशोर राजू, नितुल शर्मा, सतीष गुप्ता, मयंक यादव, जय सिंह यादव, ऋतिक यादव, रामसमुझ रावत, अर्चना रावत, उमेश प्रधान, बृजेश यादव, कन्हैया लाल यादव, शिवम गोलू, पदम प्रधान, दिलीप यादव, अंशु यादव और सतीश यादव समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत, समाजसेवी मौजूद रहे।
इससे पूर्व शंकराचार्य के आगमन पर विद्यालय प्रबंधक लवकुश यादव, संतों और स्थानीय लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। पूरे परिसर में जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य का रात्रि विश्राम एसडीवी एकेडमी, रानीखेड़ा में हुआ। आयोजकों ने बताया कि शुक्रवार सुबह धर्मयुद्ध यात्रा का अगला पड़ाव उन्नाव जिले का मौरावां होगा।






