
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 10 जुलाई 2026ः
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन ने शुक्रवार को काला दिवस मनाते हुए जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं ने श्रमिक का दर्जा देकर 26 हजार रुपये वेतन देने की मांग की। वहीं, सीटू के नेताओं ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और उत्तराखंड सीएम को संबोधित ज्ञापन अपर सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दीनदयाल पार्क से जिला मुख्यालय की ओर कूच किया। आशा कार्यकर्ता तहसील चौक, दून अस्पताल होते हुए डीएम कार्यालय पहुंचीं, जहां सभा का आयोजन किया गया। सभा में सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और न ही इंसेंटिव बढ़ाया गया है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाते हुए 26 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग की।
सभा के बाद अपर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में यूनियन ने मांग की कि मार्च 2025 से बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का एरियर सहित भुगतान किया जाए। साथ ही सभी इंसेंटिव को दोगुना करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर से संबंधित एक हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान जारी करने की मांग भी की। इसके अलावा आशा वर्करों और फैसिलिटेटर्स को ग्रेड-3 कर्मचारी घोषित कर नियमित करने, ईएसआई, ईपीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की मांग भी की।
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय कोषाध्यक्ष मनमोहन रौतेला, उपाध्यक्ष भगवंत पयाल, सचिव अभिषेक भंडारी, आशा यूनियन की प्रांतीय उपाध्यक्ष कलावती चंदोला, महामंत्री लोकेश देवी और जिलाध्यक्ष सुनीता चौहान, नीरज यादव, रतना देवी, सीमा, इंदू रावत, अनीता भट्ट, आरती बरमोला, रामा, कल्पेश्वरी, रजनी गैरोला, मंजू बिष्ट, उषा रावत, हेमलता, मंजू ठाकुर आदि मौजूद रहे।






