Uttarakhand

Teachers Transfer और Promotion पर खास तैयारी, खाली स्कूलों में जल्द पहुंचेंगे शिक्षक

शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में अहम मुद्दों पर हुई चर्चा, स्थानांतरण एक्ट में छूट का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजने की तैयारी, पदोन्नति मामलों के निपटारे के लिए अध्यादेश भी लाया जा सकता है, जर्जर स्कूलों के पुनर्निर्माण, मूलभूत सुविधाओं, अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण पर भी बैठक में बनी रणनीति

देहरादून, 3 जुलाई 2026:

उत्तराखंड सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। शिक्षकों के वार्षिक Teachers Transfer को आसान बनाने के लिए स्थानांतरण एक्ट में छूट देने और अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव जल्द कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा। वहीं लंबे समय से अटके Promotion मामलों को निपटाने के लिए जरूरत पड़ने पर अध्यादेश लाने का विकल्प भी सरकार ने खुला रखा है।

सचिवालय में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा, न्याय, कार्मिक और वित्त विभाग के अधिकारियों ने शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति से जुड़े मामलों की समीक्षा की। बैठक में तय हुआ कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या अच्छी है लेकिन शिक्षक नहीं हैं, वहां धारा-27 और अनुरोध श्रेणी के तहत स्थानांतरण कर खाली पद भरे जाएंगे। इसके लिए स्थानांतरण एक्ट में छूट और समय बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की वरिष्ठता और स्थानांतरण से जुड़े कई मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। इसी वजह से विभाग अब तक अंतिम फैसला नहीं ले सका है। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को दोनों प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा के लंबित Promotion मामलों पर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि यदि अदालत में सुनवाई पूरी होने में ज्यादा समय लगता है तो अध्यादेश लाकर वरिष्ठता तय करने और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है। अधिकारियों को इस संबंध में तैयारी पूरी रखने को कहा गया है

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इसके अलावा शिक्षकों के त्रिस्तरीय ढांचे, एससीईआरटी और डायट के नए ढांचे की नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जर्जर स्कूल भवनों का प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए बजट जारी किया जा सके।

बैठक में सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत शौचालय, पेयजल, बिजली समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण और शिक्षकों की तदर्थ सेवाओं को नियमानुसार जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय अमित कुमार, सचिव कार्मिक शैलेश बगोली, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा नमामि बंसल, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, संयुक्त निदेशक संस्कृत शिक्षा मंजू भारती समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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