
लखनऊ, 2 जुलाई 2026:
यूपी की प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ कल डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अत्याधुनिक नए परिसर का लोकार्पण करेंगे। करीब 464 करोड़ की लागत से 22.5 एकड़ में विकसित यह परिसर प्रदेश की सात दशक पुरानी प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय संसाधनों और भविष्य की जरूरतों से जोड़ेगा।
प्रदेश में प्रशासनिक प्रशिक्षण की शुरुआत वर्ष 1951 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल (ओटीएस) से हुई थी। अब तक यह संस्थान आईएएस, पीसीएस, न्यायिक सेवा, ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। बदलते प्रशासनिक परिदृश्य और बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए इसे अत्याधुनिक स्वरूप दिया गया है।

नए परिसर में फाउंडेशन, इंडक्शन और मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ नेतृत्व विकास, नीति क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस, परियोजना प्रबंधन, नवाचार, आपदा प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मिशन कर्मयोगी के तहत क्षमता निर्माण, सतत अधिगम और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को भी नई गति मिलेगी।
अकादमी में एक साथ 300 आवासीय और 900 गैर-आवासीय प्रशिक्षणार्थियों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की गई है। परिसर में 13 स्मार्ट प्रशिक्षण कक्ष, 300 सीटों का प्रेक्षागृह, दो बहुउद्देशीय हॉल, 300 क्षमता का छात्रावास, डिजिटल लर्निंग सेंटर, डिजिटल स्टूडियो, डिजिटल लैब, आधुनिक पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस एवं बोर्ड रूम, शोध सुविधाएं, क्रिकेट मैदान, बैडमिंटन और लॉन टेनिस कोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।
अकादमी के महानिदेशक एम देवराज के अनुसार नया परिसर प्रशासनिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा देगा और दक्ष, संवेदनशील तथा जवाबदेह प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश की सुशासन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे पारदर्शी, परिणामोन्मुख और नागरिक केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।






