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युवाओं के लिए बनेगा वन-स्टॉप रोजगार हब, CM योगी ने SVBPIEZ परियोजना को दी रफ्तार

प्रशिक्षण, रोजगार, उद्योग और उद्यमिता को एक मंच पर जोड़ेगी महत्वाकांक्षी योजना, हर साल 10 लाख युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का लक्ष्य

लखनऊ, 10 जून 2026:

यूपी में युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (SVBPIEZ) परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। परियोजना की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले प्रदेश को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं और तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश के अनुरूप ऐसे संस्थागत ढांचे की जरूरत है जो युवाओं को सीधे प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जाएं जिससे कौशल प्राप्त करने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को केवल एक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में नहीं अपितु रोजगार, उद्योग और उद्यमिता के समेकित इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आने वाले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अवधारणा तैयार की गई है। इसका उद्देश्य उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है।

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परियोजना के तहत प्रदेश में नौ क्षेत्रीय जोन की हब एवं स्पोक संरचना विकसित की जाएगी। हर जोन में एक उत्कृष्टता केंद्र (हब) और उससे जुड़े क्षेत्रीय कौशल विकास केंद्र (स्पोक) स्थापित होंगे। हब स्तर पर उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशिक्षक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और कैरियर सेवाएं संचालित की जाएंगी। क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम स्पोक केंद्रों के माध्यम से चलाए जाएंगे।

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SVBPIEZ के तहत कौशल विकास केंद्र, औद्योगिक भूखंड, प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाएं, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता तंत्र, व्यावसायिक सेवाएं, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा उद्यमिता सहायता सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर नौकरी पाने और अपना उद्यम स्थापित करने तक की पूरी प्रक्रिया के लिए एकीकृत व्यवस्था मिलेगी।

बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर में 369 एकड़ भूमि उपलब्ध है। अन्य जिलों में भी भूमि चिह्नित की जा रही है। परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण एवं प्रमाणन देने, 10 लाख से अधिक रोजगार मिलान कराने तथा प्रशिक्षित युवाओं के लिए 80 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके साथ ही हर वर्ष दो लाख से अधिक नए एमएसएमई उद्यमों को प्रोत्साहन और लगभग 50 हजार गिग वर्कर्स को औपचारिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। परियोजना के विकास में सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (ITE) और उसकी नॉलेज पार्टनर संस्था ITEES के अनुभवों का भी लाभ लिया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को भूमि उपलब्धता, संस्थागत ढांचे, निजी क्षेत्र की भागीदारी और क्रियान्वयन मॉडल से जुड़े प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेकर परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

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