Uttarakhand

महिला आरक्षण विवाद पर सियासी टकराव तेज… कांग्रेस और भाजपा आमने सामने

लोकसभा में संशोधन बिल गिरने पर घमासान के बाद बयानबाजी बढ़ी, विपक्ष ने उठाए सवाल, अल्मोड़ा में मंत्री रेखा आर्या का पलटवार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों को बताया राजनीतिक

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 18 अप्रैल 2026:

लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन बिल पर मचे विवाद के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। बिल के खारिज होने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने इस संशोधन बिल को लेकर भाजपा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इसे राजनीतिक साजिश के तौर पर लाया गया था और असली मकसद को लेकर पारदर्शिता नहीं रखी गई।

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अल्मोड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन ने महिला अधिकारों के साथ अन्याय किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों ने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है और जनता इसका जवाब चुनाव में देगी।

WhatsApp Image 2026-04-18 at 6.24.57 PM

मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम हो रहा है।

इधर उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का कानून पहले ही 2023 में पारित हो चुका है, जबकि नया बिल सीट बढ़ाने से जुड़ा था, जिसका कोई स्पष्ट आधार सामने नहीं रखा गया। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस का सवाल केवल इतना है कि बिना ठोस कारण के सीटें बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी, जबकि मौजूदा व्यवस्था में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button