Uttarakhand

‘संवाद’ में पशुपालक व मत्स्य पालकों से रूबरू हुए धामी, कहा… ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत .

निरंजनपुर में हुआ कार्यक्रम, धामी ने कहा सरकार का लक्ष्य 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त होगा उत्तराखंड, गोट वैली और पोल्ट्री वैली से युवाओं को मिला रोजगार, CM धामी ने गिनाई उपलब्धियां

राजकिशोर तिवारी

देहरादून: 7 मई, 2026:

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को प्रदेश भर से आए पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों से संवाद कर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

निरंजनपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन पहाड़ और गांव की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे लाखों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पशुपालकों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन और राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत पशुधन इकाइयों पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि गोट वैली और पोल्ट्री वैली योजनाओं से हजारों युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार मिला है। पिछले चार वर्षों में 11 हजार से अधिक लोगों को पशुपालन क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

प्रदेश के 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी पशुओं का उपचार संभव हो पा रहा है। प्रत्येक जिले में मॉडल पशु चिकित्सालय विकसित किए जा रहे हैं। सीमांत गांवों में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पशुपालकों को बाजार से जोड़ने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक उत्तराखंड को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाना है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार प्रगति कर रहा है। पिछले चार वर्षों में दूध उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

कार्यक्रम में पशुपालकों और मत्स्य पालकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं से उनकी आय और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, पशु कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मोघा के साथ उत्तम दत्ता, सीमा चौहान एवं अपर सचिव संतोष बड़ोनी आदि मौजूद थे।

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