
बस्ती, 10 जुलाई 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बस्ती जिले के हर्रैया में आयोजित जनसभा से समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा पर तीखा हमला बोला। 504 करोड़ रुपये से ज्यादा की 77 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान योगी ने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वालों को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने तुष्टिकरण की राजनीति की, जबकि उनकी सरकार धार्मिक स्थलों के विकास, कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है।
हर्रैया के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आवास योजना और ऋण योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी बांटे। उन्होंने मंच से जय श्रीराम के नारे लगवाए और कहा कि प्रदेश में अब विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ाया जा रहा है।

योगी ने कहा कि पहले जो पैसा कब्रिस्तानों के नाम पर खर्च किया जाता था, अब वही रकम भदेश्वर नाथ, तपेश्वर धाम और दूसरे धार्मिक स्थलों के विकास में लगाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ के नाम पर गरीबों की जमीनों पर कब्जे किए जाते थे, जबकि उनकी सरकार ने गरीबों को बसाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले 84 कोसी और 5 कोसी परिक्रमा को रोका जाता था, लेकिन अब सरकार खुद परिक्रमा मार्ग तैयार करा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 1600 मंदिरों का पुनरुद्धार कराया जा रहा है और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दी जा रही है।
जनसभा में योगी ने एक पुराना घटनाक्रम भी सुनाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय बस्ती में सपा जिलाध्यक्ष के घर पर कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा किया जा रहा था। उस समय सपा जिलाध्यक्ष खुद गोरखपुर पहुंचकर उनसे मदद मांगने आए थे। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा था लखनऊ में बैठे लोगों को कब्रिस्तान के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता है। योगी ने कहा कि तब उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर कब्जा हटवाया था। उनका कहना था कि उस समय सरकार को आम लोगों की नहीं बल्कि सिर्फ तुष्टिकरण की चिंता थी।
मुख्यमंत्री ने कर्ण मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान इस मंदिर को लेकर विवाद खड़ा किया गया था। उनकी सरकार ने विवाद खत्म कराया और अब वहां भव्य मंदिर तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मखौड़ा धाम और तपेश्वर धाम का भी तेजी से विकास कराया जा रहा है।
शिक्षा के मुद्दे पर भी योगी ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय नकल को अधिकार समझ लिया गया था, जिससे युवाओं का भविष्य खराब हुआ। अब प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और बिना नकल के परीक्षाएं कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस्ती और हर्रैया में आधुनिक कंपोजिट स्कूल बनाए जा रहे हैं, जिन पर 27 से 30 करोड़ रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश दंगों और अपराध के लिए जाना जाता था। उन्होंने परशुरामपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में दलितों की बस्ती जला दी गई थी। अब पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में बड़े दंगे नहीं हुए और बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी है।
योगी ने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर विपक्ष डर फैलाता था और कहा जाता था कि खून की नदियां बहेंगी। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि एक मच्छर तक नहीं मरेगा और आज पूरी दुनिया अयोध्या का बदलता स्वरूप देख रही है। उन्होंने सुमेरपुर में भगवान राम और निषादराज की प्रतिमा स्थापित कराए जाने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पहले बिजली के लिए परेशान रहते थे, लेकिन बिल जरूर आता था। अब किसानों और बटाईदारों को प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक मदद दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हर्रैया में जितना विकास पिछले कुछ वर्षों में हुआ, उतना आजादी के बाद लंबे समय तक नहीं हुआ। कप्तानगंज का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2022 तक वहां विकास की रफ्तार रुकी रही क्योंकि पिछली सरकारें कब्जे की राजनीति में उलझी थीं।

कांवड़ यात्रा पर बोलते हुए योगी ने कहा कि पहले इस यात्रा पर रोक लगाने की कोशिश होती थी और दुर्गा पूजा तक में बाधाएं पैदा की जाती थीं। अब सरकार कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में सपा के लोग भी भगवा वस्त्र पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने को तैयार दिखेंगे, लेकिन उससे पहले उन्हें रामभक्तों पर गोली चलवाने की घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि बारिश की जानकारी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से कार्यक्रम की स्थिति पूछी थी। जब पता चला कि बड़ी संख्या में लोग पहले से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं तो वह लखनऊ से तुरंत बस्ती के लिए रवाना हो गए। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा, हर्रैया विधायक अजय सिंह, मंत्री सूर्यप्रताप शाही समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






