विजय पटेल
रायबरेली, 11 जुलाई, 2026ः
यूपी सरकार ने आम जनता के भूमि विवादों (पुनर्जीवित) के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान में रायबरेली की लालगंज तहसील फिसड्डी साबित हुई। समीक्षा में पाया गया कि जून में 821 भूमि विवादों में से एक का भी निपटारा नहीं हुआ। तहसील के खराब प्रदर्शन को देखते हुए शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव को नोटिस देकर सात दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
समीक्षा में सामने आया कि एक जून से 30 जून तक चले सरकार के विशेष अभियान के दौरान लालगंज तहसील में 821 भूमि विवाद लंबित रहे। इन विवादों में से एक का भी निस्तारण नहीं किया गया। ऐसे में वर्षों से अपनी जमीन के विवादों के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी। इस लापरवाही को शासन ने गंभीरता से लिया। इसके बाद शासन ने एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
नियुक्ति अनुभाग के विशेष सचिव अवनीश सक्सेना द्वारा 10 जुलाई को जारी पत्र में कहा गया है कि विशेष अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लालगंज तहसील ने अपेक्षित रुचि नहीं ली। यही कारण है कि संबंधित अधिकारी से सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में जवाब नहीं मिला तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






