लखनऊ, 11 जुलाई 2026:
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से कृषि विभाग में कृषि प्राविधिक सहायक की भर्ती को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि 2759 पदों वाली इस भर्ती में आरक्षण नियमों का उल्लंघन करते हुए अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया है।
आप नेता ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार इस भर्ती में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को कुल 1380 पद मिलने चाहिए थे लेकिन सरकार ने केवल 792 पद आवंटित किए। उनके मुताबिक इससे आरक्षित वर्ग के 588 पद कम कर दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती में ओबीसी को केवल 20 प्रतिशत और एससी को मात्र 8 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का 10 प्रतिशत कोटा पूरी तरह सुरक्षित रखा गया। उनके अनुसार इस प्रक्रिया में ओबीसी को 573, एससी को 213 और एसटी को केवल छह पद मिले। यह आरक्षण व्यवस्था की भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में भी आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया था। इससे हजारों आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी प्रभावित हुए। इसके अलावा बांदा कृषि विश्वविद्यालय और लखीमपुर सहकारी बैंक की भर्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में एक ही जाति विशेष को प्राथमिकता दी गई और संस्थानों का जातीय आधार पर भगवाकरण किया जा रहा है।
विनय पटेल ने भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं अनुप्रिया पटेल, ओमप्रकाश राजभर, संजय निषाद और जयंत चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये नेता अपने समाज के वोटों से सत्ता तक पहुंचे लेकिन जब पिछड़े और दलित युवाओं के अधिकारों का सवाल आया तो उन्होंने चुप्पी साध ली।
उन्होंने कहा कि भाजपा हर बार विवादों के समय हिंदू खतरे में है.का मुद्दा उठाती है जबकि सबसे अधिक नुकसान दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के युवाओं को हो रहा है। विनय पटेल ने दावा किया कि प्रदेश का युवा आगामी चुनाव में अपने वोट के जरिए इसका जवाब देगा।






