लखनऊ, 11 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के चौक स्थित अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में श्री द्वारिका रमण लाल जी (लड्डू गोपाल) के पावन प्राकट्योत्सव पर भव्य उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के दर्शन किए और भजन संध्या का आनंद लिया। देश के सुप्रसिद्ध भजन सम्राट बाबा श्री चित्र-विचित्र जी महाराज (वृंदावन) की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
दिव्य भजन संध्या में बाबा चित्र-विचित्र जी महाराज ने राधा-कृष्ण प्रेम और भक्ति रस से सराबोर भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा सभागार भावविभोर हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने श्रद्धालुओं को अध्यात्म का गूढ़ संदेश देते हुए कहा कि ठाकुर जी का श्रृंगार उन्हें सजाने के लिए नहीं बल्कि उन्हें बुरी नजर से बचाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बाहरी आडंबर में उलझकर ठाकुर जी के अलौकिक श्रीमुख के वास्तविक दर्शन का आनंद लेना भूल जाते हैं।

इसके बाद उन्होंने अपने लोकप्रिय भजन ‘करुणामय कृपामय मेरे बांके बिहारी सरकार’ और ‘श्री वृंदावन हम हैं अति ही दीन जन, हमको मिले तेरी शरण’ प्रस्तुत किए। इन भजनों ने श्रद्धालुओं को गहरे आध्यात्मिक भाव में डुबो दिया। उन्होंने भक्तों से कहा कि भले ही शरीर वृंदावन में न पहुंच पाए लेकिन मन को सदैव वृंदावन में बसाकर रखा जा सकता है। जैसे ही उन्होंने ‘वृंदावन-वृंदावन गाऊं रे’ की तान छेड़ी, पूरा सभागार जयकारों और भक्ति नृत्य से गूंज उठा।
उत्सव के संयोजक एवं लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने ठाकुर जी के लखनऊ आगमन से जुड़ा एक भावुक और चमत्कारिक संस्मरण साझा किया जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक कार्यक्रम के साथ सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाने का एक विनम्र प्रयास है।
उत्सव के समापन पर ठाकुर जी को श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद आयोजित भव्य महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ दीप जलाकर आरती की और पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर लखनऊ व्यापार मंडल के जितेंद्र सिंह चौहान, पवन मनोचा, मनीष गुप्ता, अनिल वरमानी, कुश मिश्रा सहित शहर के अनेक प्रमुख लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






