
लखनऊ, 12 जुलाई 2026:
आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को राम मंदिर निर्माण और जमीन खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जिस एसआईटी के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी करने का दावा किया था अब उसी एसआईटी को मंदिर निर्माण और जमीन घोटाले की जांच से बाहर कर दिया गया है। संजय सिंह ने इसे भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने और दोषियों को बचाने की कोशिश बताया।
उन्होंने ने दावा किया कि मंदिर निर्माण में 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया। उन्होंने कहा कि यह जानकारी इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने सार्वजनिक की है। उनका सवाल था कि यदि इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि राम भक्तों की आस्था और चंदे की रकम को लूटने वालों को सरकार संरक्षण दे रही है।
उन्होंने जमीन खरीद से जुड़े कई मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 करोड़ रुपये की जमीन महज पांच मिनट के भीतर 18.5 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इसके अलावा नजूल की जमीन को न खरीदा जा सकता है और न बेचा जा सकता है लेकिन उसे 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। वहीं 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ और 1.73 करोड़ की जमीन 29.67 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का भी आरोप लगाया।
आप सांसद ने कहा कि यह ट्रस्ट सीधे प्रधानमंत्री द्वारा गठित किया गया है। इसलिए मुख्यमंत्री भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो ट्रस्ट से जुड़े कई बड़े नामों और भाजपा के प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही तय होगी। इसी कारण जांच को सीमित कर खानापूरी की जा रही है।
संजय सिंह ने घोषणा की कि वह 26 अहम दस्तावेजों के साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और कथित घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि जय श्री राम का नारा लगाकर प्रभु श्रीराम के नाम पर कथित लूट करने वालों को देश के करोड़ों राम भक्त कभी माफ नहीं करेंगे। उन्हें सजा दिलाकर ही दम लिया जाएगा।






