
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 14 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए महिला से 1.47 करोड़ की ठगी के मामले में एक और आरोपी भूपेंद्र सिंह को अंबाला से गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ठगी की रकम के 50 लाख रुपये आरोपी भूपेंद्र सिंह के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अगस्त 2025 में नैनीताल निवासी एक महिला ने साइबर क्राइम थाना रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार साइबर अपराधियों ने खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम पुलिस का अधिकारी बताकर महिला को झांसे में लिया और उसके खाते में 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग होने का झूठा आरोप लगाया। इसके बाद जांच और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के नाम पर महिला को लगातार 12 दिनों तक वाट्सएप कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान आरोपियों ने महिला को डराकर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1.47 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। जांच में सामने आया कि इस ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये हरियाणा निवासी भूपेंद्र सिंह के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
एसटीएफ की साइबर टीम ने सोमवार देर रात आरोपी भूपेंद्र सिंह की लोकेशन ट्रेस की और उसे हरियाणा के अंबाला से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के अनुसार यह वही साइबर गिरोह है, जिसने वर्ष 2025 में रूहेलखंड विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त कुलपति को भी डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर ठगी को अंजाम दिया था। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और साइबर नेटवर्क की जांच की जा रही है।






