
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 23 जून 2026ः
कर्णप्रयाग निहंग विवाद को लेकर सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही सोशल मीडिया पर किए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों पर रोक लगाने की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने किया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी के साथ कर्णप्रयाग प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। हरमीत सिंह कालका ने सीएम से कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर मामले को गलत ढंग से पेश कर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे न केवल सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है, बल्कि समुदाय विशेष की भावनाओं को भी ठेस पहुंच रही है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले की जांच निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर कराई जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कहा कि कानून के दायरे में रहकर ही विवाद का समाधान संभव है और सभी पक्षों को शांति एवं संयम बनाए रखना चाहिए।

धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समूह को भ्रामक जानकारी फैलाकर सामाजिक माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। किसी भी विवाद की जांच निष्पक्ष कराई जाएगी।
निहंग सिखों से मिलने पहुंचा शिष्टमंडल
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित नगरासू के दमदमा साहिब गुरुद्वारा में पिछले तीन दिनों से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को निहंग सिखों से बातचीत के लिए चार सदस्यीय शिष्टमंडल गुरुद्वारे पहुंचा। प्रशासन, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की मौजूदगी में वार्ता की शुरुआत हुई।
जानकारी के अनुसार 5 से 6 निहंग गुरुद्वारे में डटे हुए हैं। यह विवाद शनिवार को शुरू हुआ था, जब गुरुद्वारा प्रबंधन व कुछ निहंग श्रद्धालुओं के बीच मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद निहंगों ने गुरुद्वारे के ऊपरी हिस्से में डेरा डाल लिया। स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है।






