
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 18 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में शिक्षक प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए नवाचार पर विशेष फोकस किया जाएगा। शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, सोशल इमोशनल लर्निंग और नैतिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा मंत्री ने शनिवार को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में आयोजित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) व डायट की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आधुनिक तकनीक और नवाचार को शामिल किया जाना जरूरी है। शिक्षक यदि नई शिक्षण विधियों को अपनाएंगे तो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बेहतर योगदान दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सोशल इमोशनल लर्निंग और नैतिक मूल्यों से संबंधित विशेष सत्र आयोजित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य की ट्रेनिंग दी जाए, जिससे वे विद्यार्थियों में तनाव और मानसिक परेशानियों के संकेतों को पहचानकर समय रहते सहयोग कर सकें। बैठक में डॉ. रावत ने डायट संस्थानों को शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य करने को कहा। साथ ही उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2025-26 में स्वीकृत मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य अगले तीन माह में पूरे किए जाएं और विभागीय बजट का शत-प्रतिशत उपयोग समयबद्ध तरीके से किया जाए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्याल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमल्टी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक केएस रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जेपी काला आदि मौजूद रहे।






